प्रज्ञा पुरुषोत्तम श्री १०८ बालाचार्य योगीन्द्रसागरजी महाराज सा

प्रज्ञा  पुरुषोत्तम श्री १०८ बालाचार्य योगीन्द्रसागरजी महाराज सा

गुरुवार, 25 नवंबर 2010

शीतलतीर्थ कि संयोजिका को मातृशोक

शीतलतीर्थ कि संयोजिका डॉ सविता जैन कि माताजी श्रीमती विजया जी जैन का स्वर्गारोहण २४ नवम्बर कि शाम ५:२० पर उज्जैन में हो गया। अंत्येष्ठी उज्जैन के चक्र तीर्थ में २५ नवम्बर को प्रातः १० बजे संपन्न हुई । ६२ वर्षीय श्रीमती जैन सामाजिक कार्यकर्ता होकर धार्मिक प्रवृत्ति कि महिला थी ।
शीतल तीर्थ से सम्बंधित समस्त आयोजन डॉ सविता जैन को मातृशोक होने कि वजह से आगामी घोषणा तक निरस्त किए गए हैं।

रविवार, 7 नवंबर 2010

वास्तविक स्नेह धन का मोहताज नहीं होता

पत्थर से प्रतिमा तराशी जा सकती है । दूध में से घी निकाला जा सकता है । जिस रूप का निर्माण चाहें बनाया जा सकता है । इसी तरह बुद्धि और विवेक के इस्तेमाल से स्वयं का निर्माण किया जा सकता है । आदमी तीन प्रकार के हैं । पहला भलाई का बदला बुराई से देता है दूसरा भलाई का बदला भलाई से देता है । तीसरा बुराई का बदला भलाई से देता है । ये तीन प्रवृत्तियाँ हर इंसान में पाई जाती हैं । पहली वृत्ति राक्षस दूसरी इंसान और तीसरी देव वृत्ति है । इसलिए बुद्धि और विवेक का सदुपयोग करना चाहिए । कंकर पत्थर निकाली गई मिटटी सुन्दर बर्तन का रूप ले लेती है । उसी प्रकार स्नेहपूर्ण वृत्ति से आदमी को अपना स्तर सुधारना चाहिए । उक्त बात बालाचार्य श्री १०८ योगीन्द्र सागर जी महाराज सा ने रविवारीय सभा को संबोधित करते हुए कही । उन्होंने कहा कि वास्तविक स्नेह धन का मोहताज नहीं होता । भगवान् श्री कृष्ण और सुदामा इसका सुन्दर उदाहरण हैं । नारायण स्वरुप श्री कृष्ण और निर्धन सुदामा के प्रेम के बीच में एश्वर्य कहीं नहीं आया ।
आगामी कार्यक्रमों के सम्बन्ध में कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ सविता जैन ने बताया कि दिनांक १२ एवं १३ नवम्बर २०१० को बालाचार्य जी कि निश्रा में पेलेस रोड स्थित चिंतामन गणेश मंदिर पर कार्यक्रम होंगे इसी तरह १४ ,२१ एवं २८ नवम्बर को रविवारीय सभा शीतल धाम पर होगी । दिनांक २१ को केशलोच का आयोजन भी यहीं होगा । २८ नवम्बर को भगवन क्षेत्रपाल मंदिर के शुद्धिकरण का कार्यक्रम होगा।

कार्यकर्म के प्रारम्भ में मंगलाचरण पंडित नितिन कुमार जी ने प्रस्तुत किया भजन कि सुमधुर प्रस्तुति श्री पुखराज सेठी ने दी विनयांजलि सर्वश्री विष्णु त्रिपाठी , राजेश घोटीकर, अशोक गंगवाल , सावंत सिंह , जगदीश व्यास , सुभाषजी , जितेन्द्र जी,शांतिलाल जी, छगनलाल जी, गगन बडजात्या, केसरीमल जी, जयंती लाल जी, निर्मल जी आदि ने श्रीफल भेंट कर की। प्रभावना का पुण्य छोगालाल भरतकुमार चोधरी द्वारा लिया गया ।

शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2010

बालाचार्य जी ने सर्वधर्म समभाव के प्रयत्नों में लगाया नव दिवसीय विधान मंडल









श्वेताम्बर संत श्रीमहेश मुनि जी ने स्वागत किया गजरथ का
सम्मान समारोह दो हफ्ते तक चला जिसमे कार्यक्रम के सहयोगी समानित हुए


पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी , डीआईजी वेदप्रकाश जी शर्मा , पुलिस अधीक्षक डॉ मयंक जैन, उप - वन मंडलाधिकारी श्री डी एस चोहान , विधुत विभाग के खालिद ज़फर से लेकर कार्यकर्ता श्री साहू , अशोक गंगवाल , प्रचार सचीव राजेश घोटिकरसमाज जन अनिल पापरिवाल , दीपक गोधा आशीष सोनी आदि सम्मनित हुए ।

नव दिवसीय मंडल विधान पूजन , गजरथ एवं सिन्धी गुरु द्वारे में प्रवचन









आदिनाथ भगवन कि चरण पादुकाए

मंगल कलश यात्रा








पुलिस का सामूहिक भोज








सिन्धी गुरुद्वारे में प्रवचन (१)








(२)








(3)


गज रथ महोत्सव के फोटो :













शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2010

आचार्य शीतलकिर्तिजी का दीक्षा महोत्सव, सम्मान समारोह तथा शरदोत्सव मनाया

शीतलधाम जैनाचार्य श्री गुरुदेव धर्मध्वज महामार्तंड १०८ श्री शीतलकीर्ति महाराज सा के नाम से निर्मित हो रहा है। बालाचार्य श्री योगीन्द्र सागरजी महाराज सा ने श्री शीतल कीर्ति महाराज सा के ८५७ वे दीक्षा महोत्सव के उपलक्ष में उनका स्मरण कर उनके जीवन के बारे में प्रवचन देते हुए बताया। शीतल धाम पर इस अवसर पर नवदिवसीय आराधना के सहयोगी सम्मानित किए गए। इनमे प्रमुख रूप से नगर निगम अध्यक्ष श्री दिनेश पोरवाल , सोहनलालजी कलावत , नगर पुलिस अधीक्षक श्री महेंद्र तराणेकर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री के आर जैन , विद्युत अभियंता श्री के यु ज़फर , सैलाना पुलिस थाना टी आई श्री एस डी मुले , राहुल पंजाबी (छोटू ) का सम्मान किया गया । उपस्थित धर्म सभा के श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए श्री जफर ने कहा कि गजरथ वाकई एक चुनौती था और मेरे लिए एक नया अनुभव भी। श्री मुले ने कहा कि संतों के सानिध्य लिए थाने का प्रभार मिलना मेरे जीवन के लिए श्रेष्ठ अनुभव है। श्री के आर जैन ने कहा कि संतों का सान्निध्य मन के भावों को शीतलता और पवित्रता का मार्ग प्रशस्त करता है अब यहाँ शीतल धाम आते ही मन के भावों में पवित्रता का एहसास होता है। मुख्य अतिथि के समोधन के रूप में श्री तराणेकर ने कहा कि संतों के आशीर्वाद से हम अपना जीवन सरल बनाते हैं संत ही हैं जिनके पास आत्मीयता से जाया जा सकता है। संगीत संतों कि देन है इसलिए भजन और भोजन साथ करने से परिवार संगठित होता है। निगम अध्यक्ष दिनेश पोरवाल ने भी इस अवसर पर समोधी किया जबकि वर्षायोग समिति अध्यक्ष पुखराज सेठी ने गुरु स्तवन किया। शरद पूर्णिमा कि शरद रात्री में भजन भक्ति संध्या के अंतर्गत कोटा के कुमार अन्नू & पार्टी द्वारा गुरु भक्ति आधारित भजन कि प्रस्तुति दी गई ।
उक्त जानकारी प्रदान करते हुए व्यवस्थापिका डॉ सविता जैन ने बताया कि दिनांक २४ अक्तूबर को दोपहर ३:०० बजे शीतल धाम पर बालाचार्य जी के प्रवचन होंगे तथा शेष रहे सहय्गियों का सम्मान भी किया जाएगा ।